काठमांडू, 04 जून ।
नेपाल की राजधानी काठमांडू में 6 और 7 जून को ‘काठमांडू कलिंग साहित्य महोत्सव 2026’ का आयोजन किया जाएगा। नेपाल-भारत साहित्यिक शिखर सम्मेलन के रूप में आयोजित होने वाला यह महोत्सव साहित्य, कला और संस्कृति के माध्यम से दोनों देशों के प्राचीन सभ्यतागत संबंधों को नई पहचान देने का प्रयास करेगा।
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष महोत्सव का विषय “सीमाओं से परे: बदलते विश्व में दक्षिण एशियाई साहित्य” रखा गया है। इसका उद्देश्य साहित्यिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ दक्षिण एशिया के देशों के बीच सांस्कृतिक समन्वय को मजबूत करना है।
महोत्सव में भारत की कई प्रमुख हस्तियां भाग लेंगी। इनमें मालिनी अवस्थी, आचार्य प्रशांत, शशि थरूर, राम माधव, इला अरुण और पीयूष मिश्रा प्रमुख रूप से शामिल होंगे।
दो दिवसीय आयोजन में दक्षिण एशिया और अन्य देशों के लेखक, कवि, शिक्षाविद, नीति निर्माता और सांस्कृतिक हस्तियां समकालीन वैश्विक चुनौतियों तथा साहित्य की भूमिका पर विचार साझा करेंगे।
महोत्सव के दौरान पहचान और प्रवासी जीवन, सामाजिक बदलाव, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास, श्रम प्रवासन, लोककथाएं, समावेशिता, विविधता और आध्यात्मिकता जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में पैनल चर्चा, मुख्य व्याख्यान, कविता पाठ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, पुस्तक विमोचन, कार्यशालाएं, मास्टरक्लास और साहित्यिक सम्मान भी शामिल रहेंगे।
आयोजकों का कहना है कि यह आयोजन नेपाल और भारत के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेगा। पशुपतिनाथ मंदिर, पुरी, काशी, बोधगया, लुम्बिनी और अन्य सांस्कृतिक स्थलों से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों पर भी चर्चा होगी।
इसके साथ ही मीराबाई, अक्का महादेवी, आंडाल और लाल देद की परंपराओं से जुड़े गीत और प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।








