नई दिल्ली, 4 जून ।
भारत के कृषि निर्यात क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए पहली बार मूल्य संवर्धित मिलेट उत्पादों की समुद्री खेप को कर्नाटक से न्यूजीलैंड के लिए रवाना किया गया है, जिससे देश के कृषि-प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात को नई गति मिली है।
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) की पहल पर तैयार इस खेप में एक मीट्रिक टन रेडी-टू-कुक मिलेट आधारित उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें बेंगलुरु स्थित इन्फिनी एग्रोटेक एलएलपी द्वारा बुधवार को भेजा गया।
यह निर्यात भारत के पारंपरिक अनाजों से बने नवाचारपूर्ण मिलेट उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को दर्शाता है और मूल्य संवर्धित कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश के बढ़ते अवसरों को भी उजागर करता है।
कंपनी ने इससे पहले एपीडा समर्थित व्यापार मेलों जैसे वर्ल्ड फूड इंडिया 2025, इंडस फूड 2025 और गल्फूड 2026 में भाग लेकर अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से संपर्क स्थापित किया था, जिसका परिणाम यह पहला निर्यात ऑर्डर माना जा रहा है।
इस खेप को एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव ने वर्चुअली हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कंपनी के प्रयासों की सराहना करते हुए वैश्विक बाजारों में मिलेट आधारित उत्पादों के विस्तार की संभावनाओं पर जोर दिया।
एपीडा ने निर्यातक को व्यापार मेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भागीदारी जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि वैश्विक बाजार में पहुंच और व्यावसायिक अवसरों को और बढ़ाया जा सके।
यह निर्यात न केवल भारत के मिलेट सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि इससे किसानों, प्रसंस्करण इकाइयों और निर्यातकों के लिए नई संभावनाएं भी उत्पन्न होंगी, जिससे कृषि निर्यात इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी।
मिलेट्स को उनके पोषण मूल्य, जलवायु अनुकूलता और वैश्विक मांग के कारण भारत के कृषि निर्यात में तेजी से महत्वपूर्ण स्थान मिल रहा है, और मूल्य संवर्धित उत्पादों का यह विस्तार किसानों की आय बढ़ाने में भी सहायक माना जा रहा है।










