नई दिल्ली, 03 जून ।
स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में भारत ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम कर ली है। वार्षिक सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि के मामले में देश ने अमेरिका को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा बाजार बनने का स्थान हासिल किया है। इस सूची में अब केवल चीन भारत से आगे है।
देश की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता 155 गीगावाट के आंकड़े को पार कर चुकी है। इस उपलब्धि ने भारत को गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता के 50 प्रतिशत लक्ष्य की दिशा में मजबूत बढ़त दिलाई है। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान के लक्ष्यों को तय समय से पहले हासिल करने में भी सहायता मिली है।
इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि भारत ने वर्ष 2025 में सौर ऊर्जा क्षमता वृद्धि के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़कर वैश्विक स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उनके अनुसार यह उपलब्धि देश में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र की तेज प्रगति और मजबूत सौर अवसंरचना विकास को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि देश में ऊर्जा क्षेत्र को अधिक कुशल, भरोसेमंद और टिकाऊ बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। सौर ऊर्जा के विस्तार ने हरित विकास की गति को नई मजबूती प्रदान की है।
सरकार की विभिन्न योजनाओं का असर भी जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से लाखों परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं। अब तक 40 लाख से अधिक परिवार अपने घरों की छतों पर सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित कर चुके हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को व्यापक बढ़ावा मिला है।










