कोलकाता, 02 जून ।
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में राजनीतिक हलचल तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी से निष्कासित नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि बड़ी संख्या में विधायक अलग गुट के गठन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, लगभग 80 विधायकों में से 50 से अधिक विधायक नए समूह के साथ जुड़ने की तैयारी कर रहे हैं और खुद को वास्तविक तृणमूल कांग्रेस के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।
रिजू दत्ता का कहना है कि यह समूह जल्द ही विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर सकता है। इस दौरान तीन प्रमुख मांगें रखे जाने की संभावना है, जिनमें नए गुट को वास्तविक तृणमूल कांग्रेस के रूप में मान्यता देना, ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा प्रदान करना तथा दो-तिहाई बहुमत के आधार पर पार्टी के चुनाव चिह्न पर दावा करना शामिल है।
राज्य विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस के 80 विधायक हैं। किसी भी नए गुट को औपचारिक मान्यता प्राप्त करने के लिए कम से कम 54 विधायकों का समर्थन आवश्यक माना जाता है। दावा करने वाले नेताओं का कहना है कि उनका समूह इस आंकड़े के करीब पहुंच चुका है।
हालांकि, अब तक इन दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक गलियारों में इन बयानों के बाद चर्चाओं का दौर तेज हो गया है और सभी की नजरें संभावित घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं।










