नई दिल्ली, 03 जून ।
भारत और दक्षिण अफ्रीका ने तकनीकी क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत विनिर्माण को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।
कर्तव्य भवन में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें भारतीय पक्ष से केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी तथा दक्षिण अफ्रीकी पक्ष से उप विज्ञान एवं नवाचार मंत्री सहित प्रतिनिधिमंडल शामिल रहा।
बैठक के दौरान क्वांटम तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी, जीनोमिक्स, वैक्सीन अनुसंधान और हाइड्रोजन ऊर्जा जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त साझेदारी की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया और नवाचार आधारित विकास को गति देने पर सहमति बनी।
दोनों देशों ने वैज्ञानिक अनुसंधान को उद्योग और स्टार्टअप से जोड़कर उसे व्यावहारिक उपयोग और आर्थिक विकास से जोड़ने पर बल दिया तथा स्वास्थ्य तकनीक और महामारी तैयारी के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
बैठक में यह भी तय किया गया कि वैज्ञानिकों, शोध संस्थानों और उद्योगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ाया जाएगा ताकि तकनीकी नवाचार को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
भारतीय पक्ष ने कहा कि देश एआई, क्वांटम तकनीक, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और स्टार्टअप आधारित नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर बन रहे हैं।
दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधियों ने भारत को एक महत्वपूर्ण और विश्वसनीय साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच पहले से ही व्यापक शोध सहयोग मौजूद है, जिसे अब नए तकनीकी क्षेत्रों में और विस्तार देने की आवश्यकता है।











