नई दिल्ली, 03 जून ।
भारत अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा किया गया, जिसमें वैश्विक चुनावी प्रक्रियाओं में मीडिया की भूमिका और गलत सूचनाओं के प्रसार पर नियंत्रण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
सम्मेलन में यह बताया गया कि चुनाव आयोग देशभर में बीएलओ और बीएलए जैसे जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करता है, ताकि बड़ी संख्या में मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंच सुनिश्चित की जा सके और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाया जा सके।
आयोजित कार्यक्रम में 480 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी, विषय विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधार्थी और निर्वाचन साक्षरता से जुड़े सदस्य शामिल रहे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक अनुभवों और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करते हुए एक व्यावहारिक ज्ञान संसाधन तैयार करना है, जिससे चुनावी प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हाल के चुनावों में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़ते विश्वास का संकेत है।
सम्मेलन में विशेष रूप से भ्रामक सूचनाओं, एआई आधारित डीपफेक तकनीक, डिजिटल राजनीतिक विज्ञापन और प्लेटफॉर्म गवर्नेंस जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनसे चुनावी पारदर्शिता को चुनौती मिल रही है।
आयोग के अनुसार यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और चुनावी सुधारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।












