भोपाल, 03 जून ।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत प्रदेशभर के हजारों संविदा कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं, जिनके प्रदर्शन का असर राजधानी भोपाल सहित कई जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखा जा रहा है।
भोपाल स्थित जेपी अस्पताल के बाहर कर्मचारियों ने धरना देते हुए सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
कर्मचारी प्रतिनिधियों के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में हड़ताल जारी है और वर्ष 2023 में घोषित संविदा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की कमी को लेकर कर्मचारी लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
आंदोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है और वे धरना, प्रदर्शन तथा जनजागरण जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचा रहे हैं।
संविदा कर्मचारियों का आरोप है कि पूर्व में बनी सहमतियों के बावजूद उनके हितों से जुड़े कई मुद्दों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे नाराजगी बढ़ती जा रही है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो 8 जून को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा, जिसके लिए प्रदेशभर से कर्मचारियों को भोपाल बुलाने की तैयारी की जा रही है।
उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, पेंशन और स्वास्थ्य बीमा सुविधा, वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, वेतन विसंगतियों का समाधान तथा समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने जैसी मांगें शामिल हैं।











