बड़वानी, 03 जून ।
भीषण गर्मी और जंगलों में गहराते जल संकट के कारण वन्यजीवों के व्यवहार में आए बदलाव के चलते बड़वानी जिले के 52 गजा सिद्ध क्षेत्र के आसपास तेंदुओं सहित कई जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल बन गया है।
52 गजा सिद्ध क्षेत्र के आसपास के जंगलों में इस समय जल स्रोत लगभग सूख चुके हैं और नालों, झिरियों तथा प्राकृतिक जल भंडारों के समाप्त होने से वन्यजीवों को पानी की तलाश में पहाड़ियों से उतरकर आबादी की ओर आना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष गर्मी में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ती हैं, लेकिन इस बार स्थिति अधिक गंभीर हो गई है क्योंकि तेंदुए लगातार गांवों के आसपास दिखाई दे रहे हैं और कई बार पालतू पशुओं का शिकार भी कर चुके हैं।
क्षेत्र के पुजारी के अनुसार पहाड़ी इलाकों के जल स्रोत सूखने के कारण तेंदुए नीचे बने कुंडों और होदों तक पहुंच रहे हैं, वहीं कई बार उन्हें मंदिर और आश्रम परिसर के आसपास भी देखा गया है तथा हाल ही में गांव के पास भालू के आने की सूचना ने भी चिंता बढ़ा दी है।
अब तक किसी व्यक्ति पर हमले की घटना सामने नहीं आई है, लेकिन मवेशियों के शिकार की बढ़ती घटनाओं से पशुपालक चिंतित हैं, जबकि वन विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और अधिकारी के अनुसार वन्यजीवों के लिए जल उपलब्ध कराने हेतु प्रयास जारी हैं तथा इसके लिए जल संरचनाओं के निर्माण की योजना पर काम किया जा रहा है, साथ ही विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि जंगलों में स्थायी जल व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ सकता है।




.jpg)






