चेन्नई, 03 जून ।
तमिलनाडु सरकार ने राज्य में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कल्याणकारी कार्यक्रमों की बेहतर निगरानी तथा आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सभी राजस्व जिलों के लिए प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति कर दी है। इस संबंध में सरकार की ओर से बुधवार को आधिकारिक आदेश जारी किया गया।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिलों में चल रही विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने तथा प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और अन्य आपात स्थितियों में राहत एवं पुनर्वास कार्यों के बेहतर समन्वय के लिए मंत्रियों को अतिरिक्त जिला प्रभार सौंपा गया है।
जारी सूची के अनुसार कई वरिष्ठ मंत्रियों को विभिन्न जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें ग्रामीण विकास एवं जल संसाधन मंत्री एन. आनंद को विलुप्पुरम और कडलूर जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, जबकि लोक निर्माण एवं खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन को चेन्नई और तिरुवन्नामलाई जिलों की जिम्मेदारी दी गई है।
इसी प्रकार अन्य मंत्रियों को भी विभिन्न जिलों का दायित्व सौंपा गया है, जिनमें मयिलाडुथुरै, तिरुवल्लूर, तिरुनेलवेली, पेरम्बलूर, कांचीपुरम, तिरुपत्तूर, चेंगलपट्टु, कल्लाकुरिची और रानीपेट सहित कई जिले शामिल हैं। कई मंत्रियों को दो-दो जिलों का प्रभार दिया गया है ताकि प्रशासनिक निगरानी अधिक प्रभावी हो सके।
सरकार ने सभी प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे संबंधित जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें, विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित करें तथा किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जिला स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी, योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का समय पर समाधान होगा तथा विकास कार्यक्रमों की नियमित निगरानी संभव हो सकेगी। इसके साथ ही जिला प्रशासन और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, जिससे जनता तक सेवाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।










