कीव, 2 जून ।
भारत ने यूक्रेन को मानवीय सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए मंगलवार को हेपेटाइटिस-सी के उपचार के लिए दवाओं की खेप यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपी। यह सहायता कीव स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से यूक्रेन के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रदान की गई।
भारतीय दूतावास के प्रभारी राजनयिक दिनेश भारद्वाज ने भारत सरकार की ओर से भेजी गई इस सहायता को यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय के सार्वजनिक स्वास्थ्य केंद्र को सौंपा। सहायता सामग्री में वायरल हेपेटाइटिस-सी के उपचार में उपयोग होने वाली आवश्यक दवाएं शामिल हैं।
भारत पिछले कुछ वर्षों से यूक्रेन को लगातार मानवीय सहायता उपलब्ध कराता रहा है। इससे पहले वर्ष 2024 में भारत ने चिकित्सा जांच से जुड़े उपकरणों की खेप भी यूक्रेन को भेजी थी, जिसे सुमी क्षेत्र के दो अस्पतालों के लिए उपलब्ध कराया गया था।
अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूक्रेन सरकार को चार ‘भीष्म क्यूब’ भेंट किए थे। इन विशेष चिकित्सा इकाइयों का उद्देश्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराना और जीवन रक्षा में सहायता करना है।
प्रत्येक ‘भीष्म क्यूब’ में विभिन्न प्रकार की दवाएं, प्राथमिक उपचार उपकरण और बुनियादी शल्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह इकाई प्रतिदिन 10 से 15 सामान्य सर्जरी करने में सक्षम है तथा आपात स्थितियों में लगभग 200 मरीजों को उपचार उपलब्ध करा सकती है।
इन इकाइयों में सीमित स्तर पर बिजली और ऑक्सीजन उत्पादन की क्षमता भी मौजूद है। इनके संचालन के लिए भारत ने विशेषज्ञों की एक टीम को प्रशिक्षण सहायता प्रदान करने हेतु यूक्रेन में तैनात किया था।
यह पहल यूक्रेन के लिए भारत की निरंतर मानवीय सहायता और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।










