भोपाल, 2 जून ।
मध्य प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में पारेषण व्यवस्था के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। राज्य की ट्रांसमिशन कंपनी ने इस अवधि में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन प्रणाली उपलब्धता हासिल की है, जो नियामक आयोग द्वारा तय 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है।
ऊर्जा मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के 99.47 प्रतिशत प्रदर्शन में सुधार करते हुए इस वर्ष और बेहतर परिणाम प्राप्त किया है। इसी के साथ पारेषण हानि के क्षेत्र में भी 2.60 प्रतिशत का स्तर दर्ज किया गया है, जो निर्धारित 2.74 प्रतिशत लक्ष्य से बेहतर है।
उन्होंने बताया कि किसी भी पारेषण इकाई के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन उपलब्धता और ट्रांसमिशन हानि दो प्रमुख मानक होते हैं। इन दोनों ही मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्य प्रदेश की पहचान देश की अग्रणी पारेषण इकाइयों में और मजबूत हुई है।
ऊर्जा मंत्री ने इस उपलब्धि के लिए विद्युत कंपनियों के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि यह परिणाम उनके निरंतर परिश्रम, तकनीकी दक्षता और समर्पण का परिणाम है। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को विश्वसनीय और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करती रहेंगी।










