नई दिल्ली, 02 जून ।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच रणनीतिक और आर्थिक रिश्तों को और व्यापक बनाने की दिशा में मंगलवार को अहम कूटनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं। दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति शिपोकोसा पॉलस माशातिले ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के संबंध साझा ऐतिहासिक विरासत और मजबूत समकालीन साझेदारी पर आधारित हैं। उन्होंने दोनों देशों को वैश्विक दक्षिण की प्रभावशाली आवाज बताते हुए प्रौद्योगिकी, औषधि निर्माण, ऊर्जा, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तारित करने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार में लगातार दर्ज हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया।
इससे पूर्व दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति माशातिले ने उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच व्यापार और निवेश के साथ रक्षा सहयोग, कौशल विकास तथा जन-जन के संपर्क को और मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय बढ़ाने और वैश्विक दक्षिण से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने पर सहमति जताई।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी दक्षिण अफ्रीकी उपराष्ट्रपति और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक की। बातचीत के दौरान व्यापार, निवेश, डिजिटल क्षेत्र, एमएसएमई और अवसंरचना विकास में साझेदारी को और सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोग और समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
दक्षिण अफ्रीका के उपराष्ट्रपति 29 मई से भारत की छह दिवसीय यात्रा पर हैं। नई दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठकों के बाद उनका हैदराबाद दौरा भी प्रस्तावित है। दोनों देशों ने एक बार फिर दोहराया कि उनके संबंध साझा इतिहास, सांस्कृतिक निकटता और वैश्विक दक्षिण के विकास को लेकर समान सोच पर आधारित हैं।











