सूरत, 02 जून ।
सूरत-बारडोली हाईवे पर उवा गांव के समीप मंगलवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। दो राज्य परिवहन बसों और एक ट्रैक्टर के बीच हुई जोरदार टक्कर के बाद महाराष्ट्र परिवहन की धुलिया-सूरत मार्ग की बस पलट गई और उसमें आग लग गई। हादसे में आठ यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 15 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
जानकारी के अनुसार, गुजरात और महाराष्ट्र की यात्री बसों की ट्रैक्टर से टक्कर के बाद महाराष्ट्र की बस नियंत्रण खोकर सड़क पर पलट गई। पलटते ही बस में आग भड़क उठी और कुछ ही देर में पूरा वाहन आग की चपेट में आ गया। बस में सवार कई यात्रियों को बाहर निकलने का अवसर नहीं मिल सका, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंच गए। घायलों को तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से बारडोली अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
हादसा इतना गंभीर था कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। बस के भीतर फंसे यात्रियों और शवों को बाहर निकालने के लिए बचाव दल को गैस कटर का सहारा लेना पड़ा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सूरत और तापी जिलों के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। दुर्घटना के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे यातायात पुलिस ने नियंत्रित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही कहा कि प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रहा है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।




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