भोपाल, 02 जून।
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने की घोषणा की है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि 30 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री की उपस्थिति में उन्हें नियमित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बावजूद इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनमें गहरा असंतोष है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की प्रमुख मांगों में सामान्य प्रशासन विभाग की 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, अन्य राज्यों की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत वेतन वृद्धि तथा नियमित कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता शामिल है। इसके साथ ही कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर के वेतन में पीबीआई समायोजन की मांग भी रखी गई है।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक समान कार्य के लिए समान वेतन लागू नहीं किया जाता, तब तक वे ‘सार्थक एप’ का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है।











