वाशिंगटन/कुवैत सिटी/मनामा/बेरूत, 03 जून।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है, जहां कुवैत और बहरीन में ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमेरिकी सेना ने इन हमलों का जवाब देते हुए कई ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया है, जबकि लेबनान में इजराइली हमलों के बीच कई धमाकों से स्थिति और गंभीर हो गई है।
कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है, जहां ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इन हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार की है। रिपोर्टों के अनुसार, इन देशों में हवाई सुरक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं और लगातार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आम नागरिकों में दहशत फैल गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया है कि उसने ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया है और कई प्रोजेक्टाइल लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिए गए। कमांड के अनुसार, कुवैत की ओर दागी गई मिसाइलें रास्ते में ही गिर गईं, जबकि बहरीन पर किए गए हमलों को अमेरिकी और बहरीन की संयुक्त रक्षा प्रणाली ने रोक दिया।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने हमलों की आशंका के बाद सुरक्षा सायरन बजाने और हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद करने की पुष्टि की है। वहीं कुवैत के गृह मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे मिसाइलों के मलबे या संदिग्ध वस्तुओं के पास न जाएं।
इस बीच अमेरिकी सेना की ओर से यह भी दावा किया गया है कि उसने अरब खाड़ी में एक ईरानी बंदरगाह की ओर जा रहे एक खाली तेल टैंकर को निष्क्रिय कर दिया है, जिससे समुद्री मार्गों पर तनाव और बढ़ गया है।
उधर लेबनान में इजराइली हमलों का असर जारी है, जहां स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी क्षेत्रों में हुए हमलों में पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं और एक अस्पताल भी क्षतिग्रस्त हुआ है।
क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ते सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया में हालात को और विस्फोटक बना दिया है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों के बीच तनाव और गहराता जा रहा है।










