तेहरान, 28 मई।
ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते की वार्ता के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव अचानक तेज हो गया है, जहां 27-28 मई की रात इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना द्वारा एक अमेरिकी टैंकर पर गोलीबारी किए जाने की खबर सामने आई है, बताया जा रहा है कि यह जहाज रडार सिस्टम बंद कर इस क्षेत्र से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
इस घटना के बाद जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी पक्ष द्वारा ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के आसपास गोलीबारी किए जाने की सूचना है, जो दक्षिणी ईरान का प्रमुख बंदरगाह शहर है और होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है।
रिपोर्ट्स के अनुसार बंदर अब्बास के निकट धमाकों की घटनाओं पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जबकि अमेरिकी अधिकारियों ने इसे चल रहे अस्थायी संघर्ष विराम के लिए गंभीर चुनौती बताया है और कहा है कि यह कार्रवाई रक्षात्मक प्रकृति की थी, साथ ही दावा किया गया है कि इस दौरान चार ईरानी ड्रोन मार गिराए गए तथा एक भूमिगत नियंत्रण केंद्र पर हमला किया गया जहां पांचवां ड्रोन तैयार किया जा रहा था।
यह घटनाक्रम दक्षिणी ईरान में दो दिन पहले हुई सैन्य कार्रवाई के बाद सामने आया है, जब मिसाइल ठिकानों और नौसैनिक इकाइयों को निशाना बनाया गया था, जिसके बाद क्षेत्र में स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है और होर्मुज युद्ध जैसे हालात में बदलता नजर आ रहा है।
इसी बीच अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट बैठक में ईरान से बातचीत का मुद्दा प्रमुख रहा, जहां राजनीतिक दबाव के बीच ट्रंप ने कहा कि वह केवल ऐसे समझौते के पक्ष में हैं जो अमेरिकी हितों के अनुरूप हो और संतोषजनक न होने वाले किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले फरवरी में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की घोषणा के बाद अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई में कई ठिकानों पर हमले हुए थे, जिसके बाद संघर्ष विराम लागू किया गया था, जबकि अप्रैल में हुई बातचीत भी किसी ठोस समझौते तक नहीं पहुंच सकी थी और बाद में संघर्ष विराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया था।











