कोलकाता, 02 जून।
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी मंगलवार को कोलकाता के रानी रश्मोनी एवेन्यू पहुंचीं और अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कथित पोस्ट-पोल हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन किया।
इस दौरान पार्टी ने राज्य में बढ़ते राजनीतिक तनाव और अभिषेक बनर्जी व वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी पर कथित हमलों के विरोध में मोर्चा खोलने का निर्णय लिया।
ममता बनर्जी ने कहा कि पुलिस की अनुमति न होने के बावजूद उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोग और छोटे व्यापारी भयभीत हैं और रेहड़ी-पटरी वालों को उचित पुनर्वास योजना के बिना हटाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में बैठे भाजपा नेता "पैसे और ताकत" का इस्तेमाल कर उनके दल में भगोड़े नेताओं के माध्यम से पार्टी में सेंध लगा रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पार्टी से नेताओं का व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए निकलना संगठन को फिर से मजबूत बनाने में मदद करेगा और TMC इस संकट से और अधिक सशक्त होकर उभरेगी।
ममता ने दावा किया कि विधानसभा चुनावों के बाद 12 TMC कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं, हजारों कार्यकर्ता गिरफ्तार हुए हैं और कई को अपने घर छोड़कर भागना पड़ा है।
अभिषेक बनर्जी के कथित हमले के बाद विवाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि सोनारपुर में पोस्ट-पोल हिंसा से प्रभावित परिवारों से मिलने के दौरान उन्हें ईंट, पत्थर और अंडों से हमला किया गया।
इस हमले में उनकी आंख घायल हुई और उन्होंने इसे भाजपा द्वारा प्रायोजित बताया। उन्होंने पुलिस पर पर्याप्त सुरक्षा न देने का भी आरोप लगाया। TMC नेता कुणाल घोष के अनुसार, अभिषेक बनर्जी वर्तमान में उपचाराधीन हैं और कई मेडिकल जांचें बाकी हैं।
भाजपा ने ममता बनर्जी के प्रस्तावित प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर पुलिस अनुमति दे तो प्रदर्शन किया जा सकता है, लेकिन TMC के प्रदर्शन के आधार पर सवाल उठाया।
भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने दावा किया कि घटना में शामिल सभी लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया है और पूरे मामले को अभिषेक बनर्जी ने स्वयं भाजपा को बदनाम करने और सुरक्षा बढ़ाने की मांग को बल देने के लिए रचा।










