देहरादून, 01 जून।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के हालिया उत्तराखंड दौरे के बाद प्रदेश संगठन में नया उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने की दिशा में संगठनात्मक प्रयास अब और तेज होंगे। भाजपा कार्यकर्ता इस दौरान वर्ष 2022 की ऐतिहासिक चुनावी जीत को भी याद कर रहे हैं, जब पार्टी ने सत्ता में वापसी से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक मिथक को समाप्त किया था।
उत्तराखंड की राजनीति में अपेक्षाकृत नए होने के बावजूद नितिन नवीन ने अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान संगठन पर मजबूत पकड़ का परिचय दिया। इससे पहले उनके पास राज्य से जुड़ी कोई प्रत्यक्ष संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं रही थी। निजी यात्राओं के अलावा उनका उत्तराखंड में राजनीतिक कार्यक्रमों से विशेष जुड़ाव भी नहीं रहा, लेकिन विभिन्न बैठकों में बूथ स्तर तक की जानकारी और संवाद शैली ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रभावित किया।
दौरे के दौरान उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों से लेकर सामान्य कार्यकर्ताओं तक सभी से आत्मीयता के साथ संवाद किया। साथ ही संगठन की मजबूती के लिए आवश्यक सुधारों, बेहतर तालमेल और दृढ़ संकल्प के साथ चुनावी सफलता हासिल करने पर भी स्पष्ट रूप से जोर दिया। उनके सुझावों को संगठन में नई ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है।
भाजपा ने अपनी परंपरा के अनुरूप विधानसभा चुनाव से पहले आंतरिक सर्वे भी कराया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार हाल ही में सामने आई रिपोर्ट ने संगठन का उत्साह बढ़ाया है। सर्वे के संकेत बताते हैं कि वर्ष 2027 में भाजपा की जीत की राह में कोई बड़ी चुनौती दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि रिपोर्ट में लगभग एक दर्जन मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन को अपेक्षानुसार नहीं बताया गया है। माना जा रहा है कि टिकट वितरण से पहले पार्टी एक और सर्वे करा सकती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा ने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में दोबारा वापसी कर नया राजनीतिक इतिहास रचा था। इससे पहले राज्य में कोई भी सत्तारूढ़ दल लगातार दूसरी बार सरकार बनाने में सफल नहीं हुआ था। उस समय सत्ता विरोधी माहौल की आशंका भी व्यक्त की जा रही थी, लेकिन भाजपा ने चुनाव जीतकर यह धारणा बदल दी।
पिछले वर्षों में समान नागरिक संहिता सहित कई ऐसे निर्णय और पहलें सामने आईं, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर हुई। कुछ मुद्दों पर सरकार को विरोध का सामना भी करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद व्यापक स्तर पर सत्ता विरोधी लहर दिखाई नहीं देती। दूसरी ओर चुनावी तैयारियों के मामले में भाजपा अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस से आगे नजर आ रही है। इन परिस्थितियों के बीच नितिन नवीन का दौरा उत्तराखंड भाजपा के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ है।











