वाशिंगटन, 05 जून।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए भारत और अमेरिका के बीच जल्द ही किसी ठोस व्यापारिक समझौते पर पहुंचने का भरोसा जताया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए ट्रंप ने कहा कि उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच व्यक्तिगत संबंध काफी अच्छे हैं, जिसका सकारात्मक असर दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर देखने को मिलेगा।
ट्रंप ने व्यापारिक मोर्चे पर खुलकर अपनी बात रखते हुए भारत पर पूर्व में अमेरिकी नीतियों का अनुचित लाभ उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले भारत की ओर से भारी-भरकम शुल्क लगाया जाता था, जिसके कारण अमेरिका को नुकसान उठाना पड़ता था। राष्ट्रपति ने दावा किया कि अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और नई नीतियों के कारण अमेरिका को भारत के साथ व्यापार में काफी आर्थिक लाभ मिल रहा है।
दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को लेकर माहौल काफी सक्रिय है। पिछले दिनों ही एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर आया था, जहाँ दोनों देशों ने आपसी सहयोग और व्यावहारिकता के आधार पर एक पारस्परिक लाभकारी समझौता करने की प्रतिबद्धता दोहराई। हालांकि, अमेरिका ने जबरन श्रम के कथित आरोपों में भारत सहित 54 देशों पर 12.5 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है, जिससे भविष्य की राह में नई चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं।
व्यापार समझौते की रूपरेखा पर 7 फरवरी को दोनों नेताओं के बीच फोन पर हुई बातचीत के बाद सहमति बनी थी, जिसमें शुल्क कटौती को लेकर प्राथमिक फ्रेमवर्क तैयार किया गया था। इस समझौते के तहत अमेरिकी पक्ष ने शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने और रूसी तेल खरीद से जुड़े प्रतिबंधों में राहत देने का प्रस्ताव रखा था। वर्तमान में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और टैरिफ से जुड़े नए आदेशों के बाद दोनों देश समझौते की शर्तों को दोबारा संवारने की प्रक्रिया में जुटे हैं।












