नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
भारत और बहरीन ने पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने तथा व्यापारिक गतिविधियों को स्थिर बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वर्चुअल बैठक के दौरान यह सहमति बनी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बहरीन के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अब्दुल्ला बिन आदिल फखरो के साथ चर्चा की। इस दौरान क्षेत्रीय स्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और द्विपक्षीय सहयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान पीयूष गोयल ने हाल ही में घोषित संघर्ष विराम का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि यह लंबे समय तक कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बहाल होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल सकें, विशेषकर समुद्री मार्गों के जरिए होने वाला वैश्विक व्यापार प्रभावित न हो।
उन्होंने बहरीन के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए वहां के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हुए हालिया हमलों की निंदा की। साथ ही उन्होंने बहरीन की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भारत के समर्थन को दोहराया और समुद्री संचालन की सुरक्षा को भी अहम बताया।
जन-से-जन संबंधों के महत्व पर जोर देते हुए गोयल ने बहरीन सरकार द्वारा भारतीय समुदाय को दिए गए सहयोग की सराहना की। उन्होंने कठिन समय में भारतीयों की सुरक्षा और उनके कल्याण सुनिश्चित करने के लिए बहरीन प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।
दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि क्षेत्रीय संघर्षों के चलते उत्पन्न व्यवधानों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को स्थिर और भरोसेमंद बनाए रखना जरूरी है। इसके साथ ही आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।
इस बैठक ने वैश्विक चुनौतियों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने और आपसी संबंधों को और प्रगाढ़ करने के साझा संकल्प को दोहराया।










