भोपाल, 11 अप्रैल 2026।
मध्य प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं है और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
उन्होंने बताया कि अब तक 2866 स्थानों पर निरीक्षण किया गया, जिसमें 4283 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। साथ ही 11 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदेश के 738 पेट्रोल पंपों की भी जांच की गई, जिनमें एक मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों और तेल कंपनियों को नियमित रूप से निरीक्षण जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं है। आवश्यकतानुसार संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही छोटे व्यवसायियों को भी कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
प्रदेश में रसोई गैस की स्थिति सामान्य बनी हुई है। बॉटलिंग प्लांटों में पर्याप्त स्टॉक है और उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुसार गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। घरेलू और व्यावसायिक दोनों श्रेणियों में वितरण प्रक्रिया निर्बाध जारी है।
पीएनजी गैस को लेकर भी अभियान तेज किया गया है। जिन घरों में पाइपलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां अगले तीन माह में लगभग डेढ़ लाख नए कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में शिविर लगाए जा रहे हैं और संबंधित विभागों द्वारा निरंतर निगरानी की जा रही है।












