रायसेन, 11 अप्रैल
रायसेन जिले में शनिवार से तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि मेला’ का शुभारंभ हुआ, जिसका उद्देश्य तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक योजना को मजबूत करना है। इस राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री मोहन यादव की उपस्थिति में दशहरा मैदान में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। यह आयोजन 11 से 13 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें देशभर से किसान, वैज्ञानिक, नीति निर्माता और कृषि उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर चर्चा और विचार-विमर्श करेंगे।
इस मेले को कृषि क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन लाने वाला आयोजन माना जा रहा है, जो किसानों को ‘प्रयोगशाला से खेत तक’ और ‘बीज से बाजार तक’ की संपूर्ण रूपरेखा उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह कोई साधारण मेला नहीं बल्कि कृषि का एक विद्यालय है, जहां 20 अलग-अलग विषयों पर सत्र आयोजित किए जा रहे हैं और लाइव प्रदर्शन के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने और कृषि पद्धतियों में सुधार लाना है।
विशाल प्रदर्शनी क्षेत्र में लगभग 300 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां उन्नत बीज, उर्वरक, कीटनाशक, सूक्ष्म सिंचाई तकनीक और आधुनिक कृषि मशीनरी प्रदर्शित की जा रही है। किसानों को हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, रीपर-बाइंडर, बेलर और रोटावेटर जैसी आधुनिक मशीनों का लाइव प्रदर्शन भी दिखाया जा रहा है, ताकि वे इनके उपयोग को समझ सकें।
विशेषज्ञ किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, समेकित पोषक एवं कीट प्रबंधन तथा कटाई के बाद की तकनीकों पर प्रशिक्षण दे रहे हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विश्वविद्यालयों और कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक किसानों से सीधे संवाद कर स्थानीय समस्याओं के समाधान प्रदान कर रहे हैं।
मेले में मोबाइल मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, एकीकृत कृषि प्रणाली के मॉडल और डेयरी, मत्स्य, कुक्कुट तथा बकरी पालन के लिए विशेष इकाइयां भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। साथ ही, बीमा कंपनियों और बैंकों द्वारा किसानों को फसल बीमा और ऋण संबंधी सहायता भी मौके पर उपलब्ध कराई जा रही है।
यह आयोजन 13 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की उपस्थिति में संपन्न होगा, जहां रायसेन, विदिशा, सीहोर और आसपास के क्षेत्रों के लिए व्यापक कृषि रोडमैप जारी किया जाएगा। यह योजना फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, बाजार संपर्क और आय वृद्धि की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।










