काठमांडू, 11 अप्रैल 2026।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति मामले में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा और उनकी पत्नी तथा पूर्व विदेश मंत्री डा. आरजू देउवा ने विदेश में रहते हुए कानूनी सलाह लेना शुरू कर दिया है। दोनों इस समय स्वास्थ्य उपचार के लिए हांगकांग में मौजूद हैं।
विदेश में रह रही आरजू देउवा व्हाट्सऐप के माध्यम से वकीलों से लगातार संपर्क कर गिरफ्तारी वारंट से जुड़े कानूनी पहलुओं पर परामर्श ले रही हैं। उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय सभा सदस्य एवं वरिष्ठ अधिवक्ता खम्म बहादुर खाती, वरिष्ठ अधिवक्ता शेरबहादुर केसी सहित अन्य कानूनी विशेषज्ञों से बातचीत की है।
आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच शुरू होने के बाद आरजू देउवा लगातार कांग्रेस नेताओं और अपने निकटस्थ वकीलों के संपर्क में बनी हुई हैं। उनसे बातचीत करने वाले एक नेता के अनुसार वह नेपाल की मौजूदा स्थिति और घटनाक्रम की जानकारी ले रही हैं तथा वीडियो और संदेशों के माध्यम से अपडेट प्राप्त कर रही हैं।
गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद उनके नेपाल लौटने को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। वारंट के बाद देउवा दंपत्ति को फरार सूची में भी शामिल किया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता खाती ने भी पुष्टि की है कि वारंट के बाद उनकी आरजू देउवा से बातचीत हुई है।
यदि वे नेपाल वापस नहीं लौटते हैं तो सरकार इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। वहीं कांग्रेस के महासचिव प्रदीप पौडेल ने कहा है कि देउवा दंपत्ति को स्वदेश लौटकर जांच में सहयोग करना चाहिए, जिससे सकारात्मक संदेश जाएगा और रेड कॉर्नर नोटिस से पहले ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
बताया गया है कि देउवा दंपत्ति फरवरी महीने में विदेश गए थे और तब से उनकी नेपाल वापसी की कोई निश्चित तिथि तय नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा 25 फरवरी को इलाज के लिए सिंगापुर गए थे, जबकि आरजू देउवा 22 फरवरी को भारत गई थीं और बाद में सिंगापुर पहुंचीं। इसके बाद दोनों सिंगापुर से हांगकांग भी गए थे।
देउवा ने कहा है कि वे स्वास्थ्य उपचार के लिए विदेश में हैं और उनका इलाज जारी है। गिरफ्तारी वारंट की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उनकी और उनके परिवार की संपत्ति को लेकर गलत और भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक पद पर रहते हुए उन्होंने कानून के अनुसार अपनी संपत्ति का पूरा विवरण संबंधित संस्थाओं को दिया है। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था, कानून के शासन, स्वतंत्र न्यायपालिका और पारदर्शिता के लिए लंबे समय तक संघर्ष करने की बात भी कही।
साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और समय के साथ सच्चाई सामने आने की बात कही है। उनका कहना है कि उपचार जारी है, हालांकि नेपाल वापसी को लेकर अभी कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।






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