नई दिल्ली, 11 अप्रैल।
भारत ने लेबनान में लगातार जारी इजरायली हमलों के बीच बढ़ती नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि भारत की प्राथमिकता हमेशा से नागरिकों की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति व स्थिरता रही है।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और दो सप्ताह के संघर्षविराम के बावजूद जारी हमलों को लेकर विदेश मंत्रालय ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में स्थिति को अत्यंत चिंताजनक बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि लेबनान में घटनाक्रम बेहद परेशान करने वाला है, खासकर भारत की लंबे समय से क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को देखते हुए।
उन्होंने कहा कि लेबनान में लगभग एक हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही भारत संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल में योगदान देने वाले देशों में शामिल है, जो लेबनान में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए कार्यरत है।
प्रवक्ता ने कहा कि भारत हमेशा से संघर्ष के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर देता रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों तथा देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान आवश्यक मानता है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लेबनान में रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में दूतावास लगातार सक्रिय है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस बीच पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक संघर्षविराम को लेकर भी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है। ईरान का कहना है कि यह समझौता लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई को भी रोकने से जुड़ा है, जबकि अमेरिका और इजरायल का कहना है कि यह संघर्षविराम हिज्बुल्ला के खिलाफ कार्रवाई पर लागू नहीं होता।
इस मतभेद ने कूटनीतिक प्रयासों को और जटिल बना दिया है और संघर्षविराम टूटने का खतरा बढ़ा दिया है। लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब सलाम के जल्द ही वाशिंगटन यात्रा पर जाने की संभावना भी जताई गई है, जहां इजरायल के अनुरोध पर लेबनान के साथ प्रत्यक्ष वार्ता की तैयारी की जा रही है।
हालांकि संघर्षविराम अभी औपचारिक रूप से जारी है, लेकिन इजरायल द्वारा हिज्बुल्ला ठिकानों पर हमले जारी हैं। लेबनान प्रशासन के अनुसार हाल ही में हुए बड़े हमलों में करीब 300 लोगों की मौत हुई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि लेबनान में कोई संघर्षविराम नहीं है और हिज्बुल्ला के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पूरी ताकत से जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सुरक्षा बहाल नहीं होती, तब तक अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने आगे बताया कि उनकी सरकार ने लेबनान के साथ प्रत्यक्ष बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिसका उद्देश्य हिज्बुल्ला का निरस्त्रीकरण और एक ऐतिहासिक शांति समझौता हासिल करना है।








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