जोधपुर, 10 अप्रैल 2026।
पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज में भारतीय सेना ने अत्याधुनिक अटैक हेलीकॉप्टरों के साथ आयोजित ‘ब्रह्मास्त्र युद्धाभ्यास’ के दौरान अपनी मारक क्षमता और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। रेगिस्तान की धरती पर आसमान से बरसती फायरपावर ने आधुनिक युद्ध कौशल की ताकत को साकार रूप में प्रस्तुत किया।
इस अभ्यास में अमेरिकी मूल की अत्याधुनिक हेलफायर मिसाइलों का भी प्रयोग किया गया, जिनके प्रहार से कई लक्ष्य नष्ट किए गए। दावा किया गया कि इन मिसाइलों का उपयोग हालिया वर्ष में ईरान पर हुए हमले में भी किया गया था। इसके अतिरिक्त अपाचे हेलीकॉप्टरों ने भी सटीक निशाने साधते हुए अपनी घातक क्षमता का प्रदर्शन किया।
हेलीकॉप्टर से आठ किलोमीटर की दूरी पर स्थित टैंक और अन्य लक्ष्यों को हेलफायर मिसाइलों से ध्वस्त किया गया। इसके बाद 70 एमएम हाइड्रा रॉकेटों के माध्यम से दुश्मन के ठिकानों पर हमला किया गया, जिससे कैंप पूरी तरह नष्ट हो गए। अंत में एम230 चेन गन से तेज रफ्तार फायरिंग कर छोटे-छोटे लक्ष्यों को भी सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया।
सेना के अधिकारियों के अनुसार यह युद्धाभ्यास आधुनिक युद्ध की रणनीति और तकनीक की जांच का महत्वपूर्ण माध्यम रहा, जिसमें नए हेलीकॉप्टरों के शामिल होने से सेना की क्षमता में बड़ा बदलाव आया है।
इस अभ्यास में हाईटेक रडार सिस्टम की मदद से दूर से ही ड्रोन की स्थिति का पता लगाया गया और नियंत्रण कक्ष से ही मिसाइल व हथियार प्रणालियों को कमांड देकर टारगेट लॉक किया गया। कुछ ही सेकंड में सटीक निशाना साधने की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसमें चार किलोमीटर दूर से भी कमांड भेजने की क्षमता का परीक्षण किया गया।
अभ्यास के दौरान आधुनिक रडार और एंटी-एयरक्राफ्ट गनों की मदद से ड्रोन को ट्रैक कर इलेक्ट्रॉनिक रूप से जाम किया गया और फिर उन्हें आसमान में ही नष्ट कर दिया गया। पूरे युद्धाभ्यास के दौरान किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या मिसफायर की स्थिति सामने नहीं आई।








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