गोवा, 10 अप्रैल 2026।
कॉमनवेल्थ पार्लियामेंटरी एसोसिएशन इंडिया रीजन जोन–VII के पहले सम्मेलन का समापन शुक्रवार को गोवा में हुआ। समापन सत्र में राज्यपाल पी. अशोक गजपति राजू ने संबोधन दिया, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा की गई थी। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे।
समापन सत्र में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि नीति निर्माण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जनभागीदारी का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने विधायी कार्यों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया। उनका कहना था कि देश की महिलाएं व्यापार, शिक्षा और विज्ञान सहित कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, ऐसे में नीति निर्माण में भी उनकी भागीदारी उसी अनुपात में बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता बढ़ेगी और निर्णय अधिक जनहितकारी बनेंगे।
उन्होंने उभरती तकनीकों, विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे सार्वजनिक संवाद को मजबूती मिल रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढ़ रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का उपयोग युवाओं के समय को व्यर्थ करने के बजाय उनके कौशल विकास के लिए होना चाहिए।
सम्मेलन के दौरान हुए विचार-विमर्श का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र, गुजरात और गोवा ने तटीय विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इन राज्यों ने चुनौतियों को अवसर में बदलने के उदाहरण पेश किए हैं और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखते हुए औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया है। साथ ही उन्होंने गोवा को पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अन्य राज्य भी इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में युवा विधायकों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और हरियाणा के प्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की। विचारों के आदान-प्रदान के माध्यम से विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए एक स्पष्ट दिशा तय करने का प्रयास किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण साबित हुआ है, जहां 31 विधायकों ने अपने अनुभव साझा किए। इससे प्रतिभागियों को नई सीख मिली और नवाचार के साथ बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने पर बल दिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी प्रतिनिधि अपने-अपने राज्यों में लौटकर विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में गोवा विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. गणेश गावकर ने स्वागत भाषण दिया, जबकि उपाध्यक्ष जोशुआ डी’सूजा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।








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