नई दिल्ली, 10 अप्रैल।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से टेलीफोन पर बातचीत की, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े हालात पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस बातचीत की पुष्टि करते हुए जानकारी साझा की।
जापानी विदेश मंत्री ने अमेरिका-ईरान संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने अपने जापानी समकक्ष से बातचीत कर प्रसन्नता जताई और होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार व क्षेत्रीय परिस्थितियों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने संवेदना जताने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने कहा कि चर्चा में मध्य पूर्व की स्थिति, नौवहन सुरक्षा सुनिश्चित करने, क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बात हुई। जापान के विदेश मंत्रालय ने भी इस वार्ता की जानकारी साझा की।
इससे एक दिन पहले जयशंकर ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीन रामगुलाम से मुलाकात की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित की थीं। उन्होंने कहा था कि भारत और मॉरीशस के बीच साझेदारी पिछले एक वर्ष में और मजबूत हुई है।
उन्होंने आगे बताया कि दोनों देशों के बीच विकास सहयोग, स्वास्थ्य, शिक्षा, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और जनसंपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। साथ ही पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके प्रभावों पर भी विचार साझा किए गए।





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