नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन, दवाओं और समुद्री परिवहन की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने की जानकारी दी है और बताया कि ईरान से अब तक 2,170 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से निकाला गया है।
केन्द्रीय मंत्रियों और संबंधित विभागों की साझा बैठक में यह जानकारी दी गई कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, बाह्य मामले, बंदरगाह, शिपिंग एवं जलमार्ग तथा फार्मास्यूटिकल विभागों के अधिकारी आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास कर रहे हैं। आवश्यक दवाओं के निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी को शून्य कर दिया है।
फार्मास्यूटिकल विभाग ने बताया कि वैश्विक संकट के बावजूद कुछ रसायनों और एपीआई की आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन दवाओं की कीमतों में कोई बड़ा उछाल नहीं आया। प्रोपलीन, अमोनिया और मेथनॉल जैसे मुख्य घटकों की आपूर्ति पेट्रोलियम, रसायन और उर्वरक क्षेत्रों के समन्वित प्रयास से हो रही है।
पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि देशभर में ईंधन आपूर्ति सामान्य है और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10 रुपये प्रति लीटर कम कर दी गई है। घरेलू एलपीजी वितरण भी सामान्य बना हुआ है और अप्रैल 8 को 51.5 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए।
समुद्री परिवहन भी संकट के बावजूद सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। भारत ध्वजवाहक एलपीजी जहाज ग्रीन आशा ने सुरक्षित रूप से हॉर्मुज की जलडमरूमध्य पार कर जॉन नेहरू पोर्ट पहुँच बनाई। इसके अलावा 1,800 से अधिक भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से पुनः देश लाया गया है।
ईरान में फंसे 2,170 भारतीयों को अरमेनिया और अजरबैजान के माध्यम से भारत लाने का कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिनमें 971 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं। सरकार की निगरानी और क्षेत्रीय कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।







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