नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
‘वतन को जानो’ कार्यक्रम के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर से आए 250 युवाओं के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उपराष्ट्रपति भवन में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से भेंट की। यह पहल गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं में प्रतिभा, उत्साह और दृढ़ संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने हाल ही में श्रीनगर स्थित कश्मीर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में अपनी उपस्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर क्रिकेट टीम की पहली बार रणजी ट्रॉफी जीत को युवाओं की क्षमता और राज्य में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बताया। उनके अनुसार शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में मिल रही उपलब्धियां प्रदेश के बदलते स्वरूप को दर्शाती हैं।
कार्यक्रम की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ‘वतन को जानो’ जैसी पहलें युवाओं में राष्ट्रीय पहचान, आत्मविश्वास और जागरूकता को बढ़ावा देती हैं और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को मजबूत करती हैं।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर को प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर क्षेत्र बताते हुए कहा कि इसमें वैश्विक पर्यटन केंद्र बनने की पूरी क्षमता है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राज्य को शांति, समृद्धि और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में योगदान दें।
उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के विद्यार्थी सिविल सेवा, आईआईटी और आईआईएम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में जम्मू-कश्मीर में हुए विकास कार्यों और युवाओं की बढ़ती आकांक्षाओं का उल्लेख किया।











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