मुंबई, 09 अप्रैल।
महाराष्ट्र की बारामती और राहुरी विधान सभा क्षेत्रों में होने वाले उपचुनाव निर्विरोध नहीं होंगे और मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर परिणाम तय करेंगे। बारामती विधानसभा क्षेत्र में राकांपा एपी की उम्मीदवार और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के साथ कुल 23 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
हालांकि बारामती से तीनों प्रमुख दलों के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है, लेकिन अन्य कई प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है। राज्य चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बारामती विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए कुल 58 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। बुधवार को पांच उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया था और आज अंतिम दिन के अवसर पर कुल 30 उम्मीदवारों ने नाम वापस लिया, जिनमें कांग्रेस के आकाश मोरे भी शामिल हैं।
महाविकास आघाड़ी में बारामती और राहुरी दोनों सीटें राकांपा एसपी के हिस्से की थीं। पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद उपचुनाव में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार मैदान में हैं। राकांपा एसपी ने इस सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारने का निर्णय लिया था, जबकि कांग्रेस ने आकाश मोरे के रूप में उम्मीदवार उतारा था, लेकिन कांग्रेस ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया।
राहुरी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व विधायक शिवाजीराव कर्डिले के निधन के बाद उपचुनाव हो रहा है। भाजपा ने उनके बेटे अक्षय कर्डिले को मैदान में उतारा है। यहां भी अंतिम दिन तक सात उम्मीदवार मैदान में बने हुए हैं, इसलिए इस सीट पर भी चुनाव अनिवार्य है।
इन दोनों सीटों पर उपचुनाव 23 अप्रैल को होंगे और मतगणना 4 मई को होगी। मतदाताओं की भागीदारी इस बार निर्णायक भूमिका निभाएगी और राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण परिणाम सामने आएंगे।







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