नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच विश्व बैंक ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 2026-27 वित्त वर्ष की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले 6.3 प्रतिशत था। इस बढ़ोतरी का संकेत मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक मजबूती से है, जबकि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का विकास पथ जारी है।
विश्व बैंक की नवीनतम दक्षिण एशिया इकोनॉमिक अपडेट के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 7.1 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस विकास में मजबूत घरेलू मांग और निर्यात का सहयोग अहम भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि घरेलू मांग और निर्यात में मजबूती के चलते भारत की विकास दर वित्त वर्ष 2025-26 में 7.6 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। इसके साथ ही, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को थोड़ा बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया गया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जीएसटी दरों में कमी से साल की शुरुआत में उपभोक्ता मांग बढ़ सकती है, लेकिन पश्चिम एशिया से उत्पन्न व्यवधान विकास दर पर असर डाल सकता है।
उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति समिति की समीक्षा में आर्थिक वृद्धि दर को 6.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो विश्व बैंक के अनुमान से थोड़ा अधिक है। भारत की विकास दर में सुधार का मुख्य कारण देश में मजबूत घरेलू मांग और बेहतर निर्यात प्रदर्शन को माना जा रहा है।


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