भोपाल, 09 अप्रैल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की दिशा में उठाए गए कदमों का स्वागत करते हुए इसे महत्वपूर्ण पहल बताया है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से होने वाली संसद की बैठक और विशेष सत्र महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण को नई गति मिल रही है। आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं, चाहे वह विमान उड़ाना हो या अंतरिक्ष तक पहुंच बनाना। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पहले महिलाओं की भागीदारी की कल्पना भी नहीं की जाती थी, वहां आज बहनें और बेटियां सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने मध्यप्रदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रदेश में महिलाएं उद्योग-व्यवसाय, पर्यटन स्थलों पर होम-स्टे संचालन, टोल टैक्स वसूली और नगरीय व ग्रामीण निकायों में मेयर व सरपंच जैसे दायित्व निभाकर जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के मंत्र पर लगातार कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम सभी दलों की सहमति से पारित हुआ था। आगामी लोकसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण बन रहा है। इस उद्देश्य से 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह तीन दिवसीय संसदीय बैठक महिला सशक्तिकरण के इतिहास में महत्वपूर्ण साबित होगी। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में नारी शक्ति की भूमिका अत्यंत अहम रहने वाली है।










.jpg)

