नई दिल्ली, 09 अप्रैल।
चार दिवसीय भूटान दौरे पर पहुंचे केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने गुरुवार को भूटान के नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान उन्होंने भारत सरकार और देशवासियों की ओर से नरेश को शुभकामनाएं प्रेषित कीं तथा दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों की सराहना की।
मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री ने भारत और भूटान के बीच गहरे और विशेष सहयोग को और सुदृढ़ बनाने में भूटान नरेश के मार्गदर्शन और नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध लगातार प्रगाढ़ होते जा रहे हैं।
चर्चा के दौरान मनोहर लाल ने भूटान के राष्ट्रीय सेवा कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे युवाओं में कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को बढ़ाने वाला बताया। इसके साथ ही उन्होंने सतत विकास के लिए भूटान नरेश की गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी की परिकल्पना की भी प्रशंसा की।
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि वे पुनात्सांगछू-I जलविद्युत परियोजना के बांध निर्माण कार्य के शुभारंभ के अवसर पर मौजूद रहेंगे, जिससे इस परियोजना के पूर्ण होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि पुनात्सांगछू-II जलविद्युत परियोजना के निर्यात दर से जुड़े समझौते पर आज हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके अलावा वे 10 अप्रैल को भूटान के ऊर्जा मंत्री के साथ पुनात्सांगछू-I परियोजना में कंक्रीट डालने के कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जो 1200 मेगावाट की इस परियोजना के लिए अहम चरण होगा।
मनोहर लाल ने भूटान नरेश को वहां के प्रधानमंत्री और ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री सहित अन्य नेताओं के साथ हुई अपनी सकारात्मक बातचीत की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग भारत और भूटान के रिश्तों की आधारशिला है और इसके प्रभावी क्रियान्वयन से दोनों देशों को पारस्परिक लाभ मिल रहा है।











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