09 अप्रैल।
भारत ध्वजांकित एलपीजी जहाज ग्रीन आशा, जो 15,400 टन द्रवित पेट्रोलियम गैस लेकर आया था, ने सफलतापूर्वक हॉर्मुज जलसंधि पार करते हुए जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) में डॉक किया। पोर्ट ने बताया कि जहाज, उसका माल और चालक दल सुरक्षित हैं और यह घटनाक्रम जटिल भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी एलपीजी की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में समुद्री संचालन की क्षमता को दर्शाता है।
ग्रीन आशा इस क्षेत्रीय संघर्ष के बाद नौवें भारतीय ध्वजांकित एलपीजी जहाज के रूप में हॉर्मुज जलसंधि पार किया है। इससे पहले ग्रीन सान्वी, जग वसंत और पाइन गैस जैसे जहाज भी इसी मार्ग से गुजरे हैं। हालांकि, ग्रीन आशा इस अवधि में मुंबई के JNPA में डॉक करने वाला पहला जहाज है, जबकि अन्य जहाजों ने कांडला, हज़ीरा, कोच्चि या अन्य बंदरगाहों की ओर रुख किया।
वहीं, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद देश में एलपीजी आपूर्ति स्थिति स्थिर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि जहाज नियमित समय में यात्रा कर रहे हैं और हॉर्मुज जलसंधि पार करने में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई। सरकार स्थिति पर रोजाना निगरानी रख रही है और आवश्यक कार्रवाई करेगी।
इस घटनाक्रम के बीच हॉर्मुज जलसंधि में तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधान को लेकर चिंता बनी हुई थी। ग्रीन आशा का सुरक्षित आगमन एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला में विश्वास बहाल करता है और आवश्यक ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।








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