तेहरान, 10 अप्रैल।
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका से अपील करते हुए कहा है कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रक्रिया को बाधित करने की अनुमति न दे। उन्होंने कहा कि 40 दिनों के संघर्ष के बाद एक महत्वपूर्ण सीजफायर लागू हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए अराघची ने दावा किया कि नेतन्याहू का “आपराधिक मुकदमा” रविवार से फिर शुरू होगा और लेबनान सहित क्षेत्र में सीजफायर लागू करने से उनकी कानूनी प्रक्रिया तेज हो सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि यदि अमेरिका नेतन्याहू को डिप्लोमेसी को समाप्त करने की अनुमति देता है, तो यह उसका निर्णय होगा, हालांकि यह कदम गलत साबित हो सकता है, लेकिन ईरान इसके लिए तैयार है।
इस बीच ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने भी ‘एक्स’ पर कहा कि समय समाप्त हो रहा है और लेबनान तथा “रेजिस्टेंस एक्सिस” सीजफायर का अभिन्न हिस्सा हैं।
सूत्रों के अनुसार, अराघची ने गुरुवार को रूस, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग बातचीत में सीजफायर मुद्दे पर चर्चा की।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान ने जिम्मेदारी से काम किया है और यदि अमेरिका अपने वादे पूरे करता है तो दो सप्ताह के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ चर्चा में अराघची ने इजरायल पर सीजफायर उल्लंघन और लेबनान पर हमलों पर चिंता जताई तथा अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की।
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने ईरान पर हमलों को गैर-कानूनी बताया और सभी पक्षों से कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील की।
रिपोर्टों के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का सीजफायर बुधवार से प्रभावी हो गया है, जबकि पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होने की संभावना है।
इजरायल ने कहा है कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं है, जबकि ईरान और मध्यस्थ पाकिस्तान ने इस पर आपत्ति जताई है। वहीं सीजफायर लागू होने के कुछ घंटों बाद ही लेबनान पर बड़े हमले की रिपोर्ट सामने आई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की बात कही गई है।


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