तेल अवीव, 10 अप्रैल 2026।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर इजराइल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि वह आतंकवादियों से अपने देश की रक्षा करना जारी रखेगा। यह विवाद अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को इस्लामाबाद में प्रस्तावित बैठक से पहले और तेज हो गया है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने लेबनान पर इजराइली कार्रवाई के संदर्भ में इजराइल को ‘कैंसर राष्ट्र’ कहा था, जिस पर इजराइल ने इसे शर्मनाक और निंदनीय करार दिया है। ध्यान देने योग्य है कि पाकिस्तान ने अब तक इजराइल को एक देश के रूप में मान्यता नहीं दी है और दोनों देशों के बीच कोई राजनयिक संबंध भी नहीं हैं।
दोनों देशों के बीच बयानबाजी तब और बढ़ गई जब पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर इजराइल को शैतान और मानवता पर धब्बा बताते हुए आरोप लगाया कि जहां एक ओर इस्लामाबाद में शांति की बातें हो रही हैं, वहीं इजराइल लेबनान में जनसंहार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले गाजा में निर्दोष लोगों की हत्या की गई और अब लेबनान में भी वही स्थिति है, तथा जिन लोगों ने फिलिस्तीनियों की जमीन पर इस देश की स्थापना की है, वे विनाश को प्राप्त हों।
इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि किसी भी सरकार से, जो शांति की मध्यस्थता का दावा करती है, ऐसे बयानों की अपेक्षा नहीं की जा सकती। वहीं विदेश मंत्री ने कहा कि इजराइल ऐसे यहूदी विरोधी आरोपों को गंभीरता से लेता है और यह टिप्पणी विनाश का आह्वान है।
इसी बीच इजराइल ने हाल ही में लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें 100 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। इजराइल का कहना है कि हिज़्बुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई जारी है।
इसके साथ ही इजराइल ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत के संकेत भी दिए हैं, जिसका उद्देश्य हिज़्बुल्लाह का निरस्त्रीकरण और शांति समझौता है। यह मुद्दा आगामी अमेरिका-ईरान वार्ता में भी प्रभाव डाल सकता है, क्योंकि पक्ष इस विवाद को अलग-अलग दृष्टिकोण से देख रहे हैं।





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