बेरुत, 09 अप्रैल।
इजरायल ने लेबनान में फिर से हवाई हमले किए हैं, जिससे मध्य पूर्व में बनी शांति स्थिति और अधिक खतरे में पड़ गई है। पिछले कुछ दिनों में इजरायल के सबसे बड़े हमलों में 250 से अधिक लोगों की मौत हुई और डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों से स्थापित शांति समझौते को गंभीर चुनौती मिली है।
लेबनान में हमलों के बाद ईरानी वार्ता दल आज पाकिस्तान के लिए रवाना होने वाला है, जहां शनिवार को अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ पहली शांति बातचीत होने की संभावना है। लेकिन ईरान ने हर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाई गई रोक को हटाने का कोई संकेत नहीं दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में अब तक का सबसे बड़ा व्यवधान पैदा हुआ है।
इस समय यूरोपीय और एशियाई रिफाइनरी में तेल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जबकि जेट ईंधन जैसे कुछ उत्पादों की कीमत इससे भी अधिक हो गई है। इजरायल ने पिछले महीने हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले करते हुए लेबनान में सैन्य अभियान चलाया था और कहा कि उसके कार्यों पर मंगलवार को घोषित संघर्षविराम लागू नहीं होता।
हिजबुल्ला ने कहा कि उसने संघर्षविराम के पालन के बावजूद गुरुवार सुबह इजरायल पर हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। लेबनान में परिवार अस्पतालों में शहीदों की पहचान कर रहे थे, जबकि राहतकर्मी मलबे के नीचे फंसे लोगों को बचाने का प्रयास कर रहे थे। बेरुत में लोग अपने घर और आसपास के क्षेत्रों में हुए विनाश को देखकर द्रवित हो गए।
ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतिबजादे ने कहा कि इजरायल के हमले संघर्षविराम का गंभीर उल्लंघन हैं और इससे क्षेत्रीय स्थिति और बिगड़ सकती है। ईरान में 40 दिन के शोक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग आयोत्तोला अली खामेनी को याद कर रहे थे।
विश्व व्यापी तेल आपूर्ति में व्यवधान के कारण भौतिक तेल और ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अमेरिका में डीज़ल की खुदरा कीमत $5.69 प्रति गैलन तक पहुंच गई है। ट्रंप ने संघर्षविराम की घोषणा कर वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया है, लेकिन वैश्विक आपूर्ति की कमी से स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है।
ईरान अभी भी अपने मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं के साथ क्षेत्रीय नियंत्रण बनाए हुए है और जलडमरूमध्य पर पारगमन के लिए शुल्क व नियम लागू करने की योजना बना रहा है।







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