वॉशिंगटन, 10 अप्रैल।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने और शुल्क वसूली का आरोप लगाते हुए कहा है कि यह संघर्ष-विराम समझौते का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों के सुचारु आवागमन में बाधा डाल रहा है, जिसे अनुचित और अस्वीकार्य माना जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि यह समझौते की शर्तों के विपरीत है।
यह प्रतिक्रिया उन रिपोर्टों के बाद आई है जिनमें कहा गया कि संघर्षविराम के बाद इस रणनीतिक जलमार्ग से सीमित संख्या में जहाज ही गुजर पा रहे हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ट्रंप ने इन दावों पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि ईरान टैंकरों से शुल्क वसूल सकता है और कहा कि यदि ऐसा हो रहा है तो इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका की ओर से इस पर आगे क्या कदम उठाया जाएगा, यह स्पष्ट नहीं है।
इससे पहले ट्रंप ने स्वयं इस क्षेत्र में अमेरिकी टोल व्यवस्था लागू करने का विचार भी रखा था, लेकिन अब उन्होंने ईरान पर कथित शुल्क वसूली की जानकारी हाल ही में मिलने की बात कही है।
ईरान की ओर से कहा गया है कि समुद्री मार्ग केवल कुछ सुरक्षा और समन्वय शर्तों के तहत ही खुला रहेगा। विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, जहाजों की आवाजाही सेना के साथ समन्वय और तकनीकी नियमों के पालन पर निर्भर करेगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
भारत जैसे तेल आयात पर निर्भर देशों के लिए भी इस क्षेत्र की स्थिरता बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि किसी भी रुकावट से तेल कीमतों और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की आशंका रहती है।


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