ग्रीनलैंड, 09 अप्रैल 2026।
ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसेन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्कटिक को लेकर बयान पर कड़ा प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा था कि नाटो जब ज़रूरत थी तब मौजूद नहीं था और भविष्य में भी मदद नहीं करेगा, साथ ही ग्रीनलैंड को "बड़ा, खराब तरीके से चलाया जाने वाला बर्फ का टुकड़ा" बताया।
नीलसेन ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि ग्रीनलैंड किसी बर्फ के टुकड़े जैसा नहीं है। उन्होंने कहा, “हम 57,000 की गर्वित आबादी हैं, जो हर दिन अपने सहयोगियों के प्रति पूरी निष्ठा और सम्मान के साथ कार्य कर रहे हैं।” उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और नाटो रक्षा गठबंधन के महत्व को भी रेखांकित किया और सभी सहयोगियों से इसे बनाए रखने की अपील की।
हालांकि, नीलसेन ने यह भी स्पष्ट किया कि वह मानते हैं कि ट्रंप का ग्रीनलैंड पर नियंत्रण का इरादा अभी भी टला नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ग्रीनलैंड को रूस और चीन से सुरक्षा के लिए आवश्यक मानता है और डेनमार्क इसे सुनिश्चित नहीं कर सकता।
नाटो सहयोगियों ने जनवरी में अमेरिकी सेना की संभावित कार्रवाई के चलते ग्रीनलैंड में छोटे सैन्य दल भेजे थे। इसके बाद डेनमार्क, ग्रीनलैंड और अमेरिका ने कूटनीतिक वार्ता शुरू की, जो अभी भी चल रही हैं और भविष्य में और बैठकें तय हैं।
नीलसेन ने यह भी बताया कि ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य अड्डा पहले से मौजूद है और 1951 के समझौते के तहत इसका विस्तार भी संभव है। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों की सहमति से रक्षा सहयोग बढ़ाने की चर्चा में इस समझौते को ध्यान में रखना जरूरी है।











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