नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
भारतीय रेलवे की वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाओं को यात्रियों से लगातार बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 3.98 करोड़ यात्रियों ने इस सेवा का उपयोग किया, जो पिछले वर्ष के 2.97 करोड़ यात्रियों की तुलना में लगभग 34 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी देशभर में तेज, सुविधाजनक और आधुनिक रेल यात्रा के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को स्पष्ट करती है। शुरुआत से अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस ने 1 लाख से अधिक यात्राओं के जरिए 9.1 करोड़ से ज्यादा यात्रियों को सेवा प्रदान की है, जो इसकी लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाता है।
स्वदेशी तकनीक से निर्मित इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन ने भारतीय रेल यात्रा को नया आयाम दिया है। फरवरी 2019 में नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग से शुरू हुई यह सेवा आज ‘मेक इन इंडिया’ के तहत आत्मनिर्भरता, गति और आराम का प्रतीक बन चुकी है और देशभर में इसका विस्तार हो चुका है।
नई दिल्ली-वाराणसी मार्ग इस सेवा का सबसे व्यस्त रूट बना हुआ है, जहां अब तक 73 लाख से अधिक यात्री यात्रा कर चुके हैं। इसके अलावा नई दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा मार्ग पर करीब 56 लाख यात्रियों ने यात्रा की है, जो धार्मिक पर्यटन में इसकी अहम भूमिका को दर्शाता है। दक्षिण भारत में सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम मार्ग पर 48 लाख से अधिक और चेन्नई-मैसूरु मार्ग पर 36 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सफर किया है। इन मार्गों ने पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को भी मजबूती मिली है।
लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने जनवरी 2026 में वंदे भारत शयनयान सेवा की शुरुआत की। शुरुआती तीन महीनों में इस सेवा ने 119 फेरों के माध्यम से 1.21 लाख यात्रियों को सुविधा प्रदान की और 100 प्रतिशत से अधिक की ऑक्यूपेंसी दर्ज की। यह आंकड़ा रात्रिकालीन प्रीमियम यात्रा के प्रति यात्रियों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की नवाचार, यात्री सुविधा और स्वदेशी निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण बनकर उभरी है। महानगरों, तीर्थ स्थलों और उभरते आर्थिक केंद्रों को जोड़ते हुए यह सेवा देश में तेज, सुरक्षित और आरामदायक रेल यात्रा को नई दिशा दे रही है।








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