हैदराबाद, 10 अप्रैल 2026।
तेलंगाना को माओवादी सशस्त्र गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त घोषित कर दिया गया है। राज्य के पुलिस महानिदेशक बी. शिवाधर रेड्डी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि सीपीआई (माओवादी) से जुड़े शीर्ष कमांडर सहित 42 हथियारबंद कैडरों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।
शीर्ष माओवादी नेता सोडी मल्ला उर्फ केशल उर्फ निखिल ने अपने दस्ते के साथ हथियार डाल दिए। इस दस्ते में शामिल 42 कैडरों के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस ने राज्य में माओवादी संगठनात्मक ढांचे के पूरी तरह समाप्त होने की घोषणा की।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि तेलंगाना स्टेट कमेटी को प्रभावी रूप से निष्क्रिय कर दिया गया है और अब राज्य में नक्सलवाद का सशस्त्र स्वरूप समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि मुप्पला लक्ष्मण राव उर्फ गणपति को छोड़कर राज्य से जुड़े अधिकांश प्रमुख माओवादी चेहरों का प्रभाव खत्म हो चुका है।
उन्होंने शेष पांच सक्रिय कैडरों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील भी की। इनमें मुप्पला लक्ष्मण राव, पासनुरी नरहरी, जाडे रत्ना बाई, वार्था शेखर और रंगाबोइना भाग्य शामिल हैं।
पुलिस ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि इससे राज्य में शांति, सुरक्षा और विकास को और मजबूती मिलेगी। वर्तमान में केवल पांच सक्रिय भूमिगत कैडर अन्य राज्यों, विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में सक्रिय बताए गए हैं।
आत्मसमर्पण करने वालों में सोडी मल्ला, चापा नारायण और कडथी सान्नु जैसे प्रमुख नेता शामिल हैं। इन कैडरों ने आत्मसमर्पण के दौरान 36 अत्याधुनिक हथियार, करीब आठ सौ ग्राम सोना और अन्य सामग्री पुलिस को सौंपी।
जमा किए गए हथियारों में एके-47, एसएलआर, इंसास राइफल, थ्री नॉट थ्री राइफल, 9 मिमी स्टेन गन, पिस्टल, रिवॉल्वर और बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के तहत इन सभी को आवश्यक सहायता दी जाएगी, ताकि वे सामान्य जीवन में लौट सकें। पुलिस का मानना है कि इस कदम से राज्य में स्थायी शांति और विकास को नई दिशा मिलेगी।













