शिवपुरी, 11 अप्रैल 2026।
शिवपुरी जिले के करैरा ब्लॉक में शनिवार को टीईटी के विरोध में शिक्षकों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी मांगों को खुलकर सामने रखा। बड़ी संख्या में एकत्रित शिक्षकों ने मधुर मिलन गार्डन, बस स्टैंड से लेकर तहसील कार्यालय तक रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की। पूरे मार्ग में शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी नाराजगी व्यक्त की।
रैली के बाद शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन करैरा तहसीलदार शिवम उपाध्याय को सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों ने टीईटी से जुड़ी नीतियों पर गंभीर आपत्ति जताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
शिक्षकों की ओर से यह भी प्रमुख मांग रखी गई कि 1 जुलाई 2018 से नवीन शैक्षणिक संवर्ग में शामिल शिक्षकों की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें पेंशन और ग्रेच्युटी सहित अन्य लाभ मिल सकें। वर्तमान में 1 जुलाई 2018 को आधार मानने से उनके हित प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए टीईटी परीक्षा अनिवार्य किए जाने का भी विरोध किया गया और इसे समाप्त करने की मांग उठाई गई।
शिक्षकों ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संदर्भ में शासन को अपना पक्ष मजबूती से रखना चाहिए और 3 मार्च 2026 को जारी आदेश को वापस लिया जाना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान व्यवस्था से उनके अधिकारों पर असर पड़ रहा है, जिससे पूरे प्रदेश में असंतोष का माहौल है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा।












