लखीमपुर, 11 अप्रैल 2026।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देने की घोषणा करते हुए कहा कि समाज पर पूर्व में दर्ज मुकदमों को सरकार वापस लेगी। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में पेशेवर अपराधियों और माफिया को संरक्षण मिलता था, जबकि महाराणा प्रताप और महाराणा सांगा के वंशजों सहित संघर्षशील समाजों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जाते थे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि थारू समाज के जिन लोगों पर समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान मुकदमे दर्ज किए गए थे, उन सभी मामलों को वर्तमान सरकार वापस लेगी। उन्होंने कहा कि अब किसी प्रकार का अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि सरकार हर पीड़ित के साथ खड़ी है और उनके संघर्ष का सम्मान कर रही है। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि माफिया बनने का प्रयास करने वालों को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि सरकार गरीबों का हक छीनने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगी।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के दो हजार तीन सौ पचास परिवारों और थारू जनजाति के चार हजार तीन सौ छप्पन परिवारों को भूमि अधिकार पत्र वितरित किए। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की आठ सौ सत्रह करोड़ रुपये की तीन सौ चौदह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। इस अवसर पर थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी मुख्यमंत्री ने सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को यहां बसाया गया था, लेकिन तीन पीढ़ियां बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका अधिकार नहीं मिल सका। उन्होंने कहा कि वर्षों से लंबित यह पुनर्वास प्रक्रिया अब पूरी हो रही है और चंदन चौकी क्षेत्र इस जनपद का गौरव बनकर उभरा है, जहां वनवासी संस्कृति और स्वाभिमान की परंपरा जीवित है। उन्होंने कहा कि पहले थारू समाज को पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ता था, लेकिन अब उन्हें अधिकार पत्र मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता के बाद जिन लोगों ने देश की आजादी के लिए बलिदान दिया, उन्हें भी लंबे समय तक उनके अधिकारों से वंचित रहना पड़ा। 1976 में थारू समाज को भूमि देने की बात तो कही गई, लेकिन स्वामित्व नहीं मिला, जबकि 1955 में आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी मालिकाना हक नहीं दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को नियुक्ति पत्र, आवास की चाबी और चेक भी वितरित किए। इसमें भौमिक अधिकार पत्र पाने वालों के साथ आंगनवाड़ी भर्ती की चयनित महिलाएं, ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थी तथा एक जिला-एक उत्पाद, सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और नाबार्ड योजना के लाभार्थी शामिल रहे।
इस अवसर पर कई मंत्री, विधायक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।










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