देहरादून, 11 अप्रैल।
श्री केदारनाथ धाम यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग आज शाम छह बजे से शुरू होने जा रही है, जिसके लिए प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने हेतु सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया के पहले चरण में 22 अप्रैल से 23 जून तक की यात्रा अवधि के लिए हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान श्रद्धालु निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी यात्रा के लिए टिकट आरक्षित कर सकेंगे।
बुकिंग केवल आधिकारिक आईआरसीटीसी वेबसाइट के माध्यम से ही की जाएगी, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की धोखाधड़ी या अनियमितता की संभावना समाप्त हो सके। ऑनलाइन बुकिंग को अनिवार्य किया गया है।
इस बीच 2 अप्रैल को श्री केदारनाथ धाम के रावल श्री श्री श्री 1008 भीमाशंकर लिंग ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की थी, जिसमें चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने रावल का स्वागत करते हुए उन्हें धाम में चल रहे पुनर्निर्माण और विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों की जानकारी साझा की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं के लिए आधारभूत ढांचे, सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं को लगातार मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुचारु रूप से संचालित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें भीड़ प्रबंधन, बेहतर संपर्क व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियों को और अधिक मजबूत किया जा रहा है तथा पूर्व अनुभवों से सीख लेकर व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार सभी विभागों के समन्वय के साथ काम कर रही है, ताकि यात्रा व्यवस्था बिना किसी बाधा के संचालित हो सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सहज अनुभव प्राप्त हो।
बैठक के दौरान केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें आवास, स्वच्छता, रसद व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी विचार-विमर्श हुआ।
आगामी यात्रा सत्र को देखते हुए श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और व्यवस्थागत तैयारियों की समीक्षा भी इस अवसर पर की गई।







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