देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से शनिवार को संताल परगना आयुक्त ने देवघर पहुंचकर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कांवड़िया पथ, कांवड़िया रूट लाइन, क्यू कॉम्प्लेक्स तथा बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर का विस्तृत रूप से अवलोकन किया गया। इस दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित कई विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।
आयुक्त ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और समुचित व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह है कि श्रावणी मेला के दौरान सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहें, जिससे सुल्तानगंज से जल लेकर आने वाले श्रद्धालु देवघर से एक सकारात्मक अनुभव और बेहतर संदेश लेकर लौटें।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी तीन महीने का समय शेष है और सभी विभागों के साथ लगातार बैठकें कर श्रावणी मेला 2026 को पूर्व वर्षों की तुलना में और बेहतर बनाने पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व की तरह ही क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था के माध्यम से श्रद्धालुओं की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाएगा।
मंदिर में शीघ्र दर्शन और नए रूट को लेकर उठ रहे विरोध के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पंडा धर्म रक्षिणी सभा, सरदार पांडा और जिला प्रशासन के बीच विचार-विमर्श कर पूरी योजना का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों द्वारा विरोध की बात सामने आई है, लेकिन सभी पहलुओं पर चर्चा के बाद ही निर्णय लागू किया जाएगा।
साथ ही यह भी बताया गया कि मेले से पहले नया रूट पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा। यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त भीड़ नियंत्रण के लिए हेड काउंटिंग मशीन का उपयोग भी किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।


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