उज्जैन, 10 अप्रैल 2026।
उज्जैन जिले के बड़नगर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम झालरिया में गुरुवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां दो साल का मासूम खुले बोरवेल के गड्ढे में गिर गया। करीब 75 किलोमीटर दूर स्थित इस क्षेत्र में घटना के बाद तुरंत प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई।
लगभग 22 घंटे तक चले लंबे राहत एवं बचाव अभियान के बाद एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम ने बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चा करीब 200 फीट गहरे बोरवेल में 75 फीट की गहराई पर फंसा हुआ था, जिसे निकालने के लिए लोहे की छड़, रस्सी और मोटर निकालने वाली मशीन का उपयोग किया गया।
पुलिस के अनुसार यह मासूम राजस्थान के पाली जिले का निवासी था, जो अपने परिवार के साथ भेड़ चराने के लिए यहां आया हुआ था। गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे खेलते समय वह खुले बोरवेल के गड्ढे में गिर गया।
परिजनों ने बताया कि बच्चा दीवार के पास खेल रहा था और उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाकर उसे बाल्टी समझते हुए पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर जा गिरा। उसकी मां ने उसे गिरते हुए देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के सरपंच के माध्यम से प्रशासन को जानकारी दी गई, जिसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और अभियान शुरू किया गया। भोपाल, इंदौर, हरदा और उज्जैन से पहुंचे करीब 200 सदस्यीय दल ने पूरी रात राहत कार्य जारी रखा।
रेस्क्यू के दौरान पांच पोकलेन मशीनों की सहायता से समानांतर सुरंग बनाई गई, लेकिन चट्टानों के कारण ड्रिलिंग बार-बार बाधित होती रही। बोरवेल में पानी भरने से भी बचाव कार्य में कठिनाई आई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। बच्चे के शव को बड़नगर के सरकारी अस्पताल भेजा गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे में जो भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने रेस्क्यू अभियान में लगे सभी दलों के प्रयासों की सराहना की।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बच्चे को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पानी में डूबने के कारण उसकी मौत होना बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।









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