नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
दक्षिण जिला पुलिस ने “ऑपरेशन साइहाॅक 4.0” के तहत साकेत थाना क्षेत्र में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में दो मुख्य सरगनाओं समेत कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक महिला साझेदार और 20 महिला कर्मचारियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
पुलिस उपायुक्त द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार एनसीआरपी पोर्टल पर गुरुग्राम निवासी एक व्यक्ति ने 13,200 रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि यह राशि एक म्यूल बैंक खाते में जमा हो रही थी। इस खाते के धारक पवन कुमार से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह कमीशन के बदले अपना बैंक खाता और एटीएम अपने नियोक्ता को देता था, जिसके बाद पुलिस एक फर्जी कंपनी तक पहुंची।
इसके बाद साकेत थाना पुलिस ने गोविंदपुरी स्थित कार्यालय पर छापा मारा, जहां एक संगठित कॉल सेंटर चलता हुआ पाया गया। मौके पर 21 महिला और 10 पुरुष कर्मचारी कॉलिंग कार्य में लगे मिले। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए मुख्य सरगनाओं में संदीप चौधरी और अश्विनी कुमार उर्फ तुषार शामिल हैं, जिन्होंने इस पूरे फर्जी नेटवर्क की शुरुआत की थी। इनके साथ नीरज गुप्ता सहित अन्य आरोपी भी इस ठगी में सक्रिय थे।
पुलिस ने मौके से 35 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, एक डेस्कटॉप, 15 नए सिम कार्ड, 35 रिटर्न पार्सल, बैंक दस्तावेज, चेक बुक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया पर वजन घटाने वाले उत्पादों के विज्ञापन के जरिए लोगों को फंसाते थे। पहले ग्राहकों को सामान भेजकर भरोसा बनाया जाता था और बाद में अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव डाला जाता था। इसके बाद या तो सामान नहीं भेजा जाता था या बहाने बनाकर संपर्क तोड़ दिया जाता था। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच कर रही है तथा यह भी पता लगाया जा रहा है कि देशभर में कितने लोग इस गिरोह का शिकार बने हैं।






_(1).jpg)
.jpg)

.jpg)


.jpg)