नई दिल्ली, 10 अप्रैल 2026।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कारगिल युद्ध के वीर नायक कर्नल सोनम वांगचुक के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि कर्नल सोनम वांगचुक भारतीय सेना के अत्यंत सम्मानित और अलंकृत अधिकारी थे, जो अपने अदम्य साहस, दृढ़ नेतृत्व और कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाने जाते थे।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि लद्दाख की धरती से आने वाले कर्नल सोनम वांगचुक ने क्षेत्र की उस भावना का प्रतिनिधित्व किया, जो कठिन परिस्थितियों में भी अडिग रहती है और राष्ट्र सेवा में सदैव समर्पित रहती है, साथ ही उन्होंने भारत की एकता और विविधता का सशक्त प्रतीक बनकर कार्य किया।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अभियान विजय के दौरान अत्यंत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अपने उदाहरण से नेतृत्व करते हुए उन्होंने अपने सैनिकों को प्रेरित किया, जिनका योगदान कठिन परिस्थितियों में भी देश की सैन्य सफलता में महत्वपूर्ण रहा। उनका जीवन साहस, बलिदान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है तथा उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
कारगिल युद्ध के दौरान उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च वीरता सम्मानों में से एक महावीर चक्र से सम्मानित किया गया था। उनकी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता को हमेशा याद किया जाता रहेगा।
भारतीय सेना ने भी दिवंगत अधिकारी को श्रद्धांजलि दी। थल सेनाध्यक्ष उपेन्द्र द्विवेदी सहित सभी रैंकों ने उन्हें एक साहसी सैनिक और समर्पित नेता बताते हुए याद किया, जिनका जीवन राष्ट्र सेवा और एकता का आदर्श उदाहरण रहा। सेना ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इस दुख की घड़ी में पूर्ण एकजुटता का भरोसा दिया।






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