वाशिंगटन, 11 अप्रैल 2026।
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी को और मजबूत करते हुए दोनों देशों के वायुसेना प्रमुखों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता हुई, जिसमें इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और परिचालन तालमेल बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात में अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल केनेथ विल्सबैक ने भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की मेजबानी की। यह आधिकारिक दौरा 8 अप्रैल को हुआ, जहां दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच विस्तृत बातचीत हुई।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह को जॉइंट बेस अनाकोस्टिया-बोलिंग पर औपचारिक सम्मान के साथ स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने अमेरिकी वायुसेना सचिव ट्रॉय मिंक और जनरल विल्सबैक के साथ पेंटागन में बैठकें कीं।
वार्ता के दौरान अमेरिकी वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत के साथ रक्षा साझेदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह साझेदारी एक “स्वतंत्र, खुला, शांतिपूर्ण और समृद्ध इंडो-पैसिफिक क्षेत्र” सुनिश्चित करने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
जनरल विल्सबैक ने भारत की नेतृत्व क्षमता और समान विचारधारा वाले देशों के साथ बहुपक्षीय अभ्यासों में उसकी भागीदारी की सराहना की और कहा कि ऐसे सहयोग का विस्तार क्षेत्रीय प्रतिरोध क्षमता को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की मेजबानी करना उनके लिए सम्मान की बात है और इस दौरे के दौरान आधुनिकीकरण, भविष्य के प्रशिक्षण अवसरों और साझा प्रतिबद्धताओं पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
वार्ता में भारत द्वारा एमक्यू-9बी स्काई गार्जियन विमान की खरीद पर भी चर्चा की गई, जिसमें अमेरिकी वायुसेना ने भरोसा दिलाया कि भारतीय सशस्त्र बलों को इस प्लेटफॉर्म के सुचारू और प्रभावी उपयोग के लिए पूर्ण सहयोग दिया जाएगा।
जनरल विल्सबैक ने यह भी कहा कि अमेरिकी वायुसेना भारत के आधुनिकीकरण प्रयासों में सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है और दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग में सहयोग बढ़ने से पारस्परिक लाभ होगा।
इसके बाद हुई स्टाफ-स्तरीय बैठकों में राष्ट्रीय गार्ड ब्यूरो के राज्य साझेदारी कार्यक्रम, एयर नेशनल गार्ड के एडवांस एयरलिफ्ट टैक्टिक्स ट्रेनिंग सेंटर और एमक्यू-9 संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि इस प्रकार की मुलाकातें दोनों वायुसेनाओं के बीच संयुक्त क्षमताओं को मजबूत करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर संयुक्त इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और दोनों वायुसेनाओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
वाशिंगटन के अलावा एयर चीफ मार्शल सिंह ने कोलोराडो स्थित पीटरसन स्पेस फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्हें उत्तरी अमेरिकी एयरोस्पेस डिफेंस कमांड मिशन की जानकारी दी गई, जिसमें उत्तरी अमेरिका के लिए एयरोस्पेस और समुद्री चेतावनी प्रणाली शामिल है। इसके बाद उन्होंने नेवादा के नेलिस एयर फोर्स बेस का भी दौरा किया, जहां उन्हें यूएस एयर फोर्स वॉरफेयर सेंटर की जानकारी दी गई और एफ-15ईएक्स ईगल-II विमान में परिचयात्मक उड़ान भी कराई गई।







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