राजगीर, 11 अप्रैल।
विदेश मंत्रालय की जन-केंद्रित पहल “पासपोर्ट सेवा-आपके द्वार पर पासपोर्ट” के अंतर्गत क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय, राजगीर परिसर में एक दिवसीय मोबाइल वैन पासपोर्ट सेवा शिविर का सफल आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों, शिक्षकों, अधिकारियों तथा शैक्षणिक समुदाय को परिसर के भीतर ही पासपोर्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना था।
इस विशेष अभियान के जरिए पासपोर्ट आवेदन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुगम बनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिसमें कुल 55 लाभार्थियों ने पासपोर्ट संबंधी सेवाओं का लाभ प्राप्त किया।
शिविर का शुभारंभ भारतीय विदेश सेवा 1993 बैच के राजदूत सिबी जॉर्ज, सचिव (पश्चिम), विदेश मंत्रालय तथा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी द्वारा किया गया।
मोबाइल वैन के माध्यम से आवेदकों को एक ही स्थान पर संपूर्ण पासपोर्ट प्रक्रिया की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिसमें दस्तावेज़ सत्यापन, बायोमेट्रिक डेटा संग्रहण और आवेदन जमा करने जैसी सभी औपचारिकताएं शामिल रहीं।
व्यस्त शैक्षणिक कार्यक्रम के बीच इस व्यवस्था ने आवेदकों का समय बचाया और उनकी पढ़ाई तथा अन्य गतिविधियों पर किसी प्रकार का विशेष प्रभाव नहीं पड़ा।
शिविर में उन छात्रों की विशेष भागीदारी देखने को मिली जो उच्च शिक्षा, शोध या अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे हैं।
इस पहल ने न केवल सेवाओं की पहुंच को बढ़ाया बल्कि आवेदन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और सहज भी बनाया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आयोजन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई और यह शिविर नालंदा विश्वविद्यालय एवं विदेश मंत्रालय के संयुक्त प्रयासों का प्रतीक बनकर सामने आया, जो युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने और जनसेवाओं के विस्तार के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।


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